Baandh Sake Mujhe Aisee Koee Bandish Nahin..Life Shayari,



 बाँध सके मुझे ऐसी कोई बंदिश नहीं..

पर तेरी बाहों की बात कुछ और है..!


कैद करलो अपनी बाहों में

उमर भर के लिए,

अपना गुनाह-ए-मोहब्बत कबुल है मुझे।


आज हुआ कुछ ऐसा की अल्फाज़ उनके निकले और 

आशियाना हमारा उजड़ गया ।


जब खुद को अधूरा महसूस करती हूँ, 

तो तुम्हें देख कर खुद ही मुकम्मल हो जाती हूँ.. ❤️


मोह होता तो बांधते तुम्हें,

प्रेम हैं सो बंध गए तुमसे..


इस रूह ए मोहब्बत की बात ना पूछो ..

बेमोल ही बिक गए वो जो अनमोल थे !!!


मेरी आदतों में शुमार है …

तुझे देखना ..

तुझे सोचना ..

तुझे चाहना …


मेरी आदत में शुमार हो अब तुम भी……..

मेरा वक़्त घड़ी से नहीं तुमसे गुजरता हैं……..


बावरा सा मन खींचा चला जाता है तेरी ओर …

जैसे मैं कोई पतंग और तुम मेरी डोर !



तुमसे बाँधने की बन्दगी भी करते हैं हम…

तुम बस इश्क़ की डोर पक्की रखना…


ले आओ ना टूटी छतरी  …

मोहब्बत की बारिश में दोनों आधा आधा भीगेंगे !!!


जो गुजरे इश्क में संग तेरे सावन सुहाना हो गया

तेरी जुल्फों का मुझबपे इक शामियाना हो गया


कुछ ऐसा करो

कि मुझे भी इश्क़ हो जाये !!


पाकर तुम्हें रूबरू

मुलाकात की तमन्ना पूरी हो जाये !!


जुल्फों को लहराओ

कि बिन बादल बारिश हो जाये !!


ज्यों ही आओ तुम करीब

खुदा करे वो लम्हा वही रूक जाये !!


बन जाओ जिन्द़गी मेरी

तो मेरी जिन्द़गी संवर जाये !


तिनके सी मैं और समंदर सा तुम्हारा इश्क़ …

डूबने का डर और डूबना ही इश्क़ !!


पहले होती थी बेचैनियाँ बहुत .. 

सब्र मोहब्बत में अब कमाल का है ..


मुझे इंतज़ार है उस बारिश का …

जिसमे पानी नहीं तेरा इश्क़ बरसे  !!!



इश्क बनकर हवाओं में ऐसे घुल जाएंगे, की बस उनकी सासों में हम ही हम नजर आएंगे,

जब बरसेगा प्यार हमारा 

तो खुद को हमारी मोहब्बत में पाएंगे ।


“तुम्हारा इश्क तुम्हारी वफ़ा ही काफ़ी है

तमाम उम्र यही आसरा ही काफ़ी है !


जहां कहीं मिलो , मिल के मुस्कुरा देना

ख़ुशी के वास्ते ये सिलसिला ही काफ़ी है


मुझे बहारों के मौसम से नहीं कुछ लेना

तुम्हारे प्यार के रंगीन फिजा ही काफी है…!!”


तुम्हे हो ना हो …

पर मुझे तुम्हारी फ़िक्र जान से ज्यादा है !!!


कदर-ए-इश्क कहो या फिक्र-ए-मोहब्बत,

मेरे दिल को भी चिंता हर पल तुम्हारी ही है दिलबर❤️


दुआ है मेरी खुदा से ..

हर शख्स को तुमसा साथी मिले …

जो उसे कभी रोने ना दे !!!


फना होने का जज़्बा हर किसी में नहीं …

फिदा तो हर दिल हो ही जाता है … !!!


इज्ज़ात हो तो एक बात कहूं …

ना मैं तुम्हे खोना चाहती हूं …

ना किसी और की होना चाहती हूं !!!


इंतज़ार तो तेरा ही रहेगा

तेरे बिना मेरा बसेरा ना रहेगा…

मैं तेरे बिना उजालो में रहूं

तो भी मेरे लिए अंधेरा ही रहेगा..

Leave a Comment