AB YE NAZARE KISEE CHEHARE KISEE DIL PAR Life Shayari,

अब ये नज़रे  किसी चेहरे किसी दिल पर,नहीं लगती

तुमसे लगती थी वो बात अब किसी से मिल कर नही लगती….

बुरा अब भी लग जाता है कुछ बताओ का मगर,
अब कोई बात दिल पर नही लगती….



है भरम आपका के ताक़त से जीत जायगे,
जीतने वाले बस नज़ाकत से जीत जायँगे,

आप हारेंगे तो सिर्फ ग़ुरूर में हारेंगे,
 हम जीतेंगे तो सिर्फ़ मोहब्बत से जीत जायँगे….





तुम्हारी सोच जो भी हो मैं उस मिज़ाज की नही,
मुझे वफ़ा से बैर है ये बात आज की नहीँ..  




हम मोहब्बत में बस इज़हार से डरते है
बादज़ा उसकी टकरार से डरते है….

हम हैं, मोहब्बत में सहमे हुए कुछ लोग,
बस हम घरवालों के इनकार से डरते है….🥺🥺





ये बात है तब कि ,मेरी नही मेरे हिसाब से सब की,
अच्छा ,सच्चा सा तो आज हुआ हूं,या क्या पता आज भी नही……


कभी बेबाक़, मग़रूर हो कर किसी हूर को तूने अपने शौक़ के लिए बर्बाद किया था,
जिसके जहन,हुस्न, बदन का मालिक सिर्फ़ तू ही था,
किसी की कहानी मे तू भी ग़लत था…..



सबको मेरे बाद रखियेगा,
आप सिर्फ़ मेरे है ये याद रखियेगा….




तुमने तो सारी मोहब्बत मुझ पर लुटा दी थी,
तो फिर ये तीसरा किस उम्मीद पर टिका है?



यूँ तो मैं भी अनमोल सा हूँ,

पर मीठा बोल के खरीद ही लेते हैं लोग।।




रख देते थे होठों पे उंगलियां जो मेरे मरने के नाम से…,

अफसोस…वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले।





मैंने उसको उतना देखा जितना देखा जा सकता था,
लेकिन फिर भी दो आँखों से, कितना देखा जा सकता था.




वो इस अंदाज से मुझसे मोहब्बत चाहता है,

मेरे हर ख्वाब पर अपनी हुकूमत चाहता है।





बड़े पुराने है खयालात मेरे,

उनका किसी और से बात करना अच्छा नहीं लगता।।




वो जो मेरे बाल तक बिखरने नहीँ देता था,
 मुर्शिद  मुझे वो इस हाल में देखेगा ,तो मर जायेगा…..





आप तो मोहब्बत की बात करते है जनाब,
मुझे तो दोस्ती  में भी जलन होती है….





दोनों ही मजबूर रहे अपने अपने दायरे में,
एक इश्क़ कर ना सका औऱ एक इश्क़ भुला ना सका….



मेरे महबूब को ही मेरी क़दर नहीँ, वरना

शहर के सारे हसीं मुझसे एक मुलाक़ात की फ़िराक़ में रहते हैँ…..!!



ये जो तुम करने लगे हो इश्क़ में हिसाब-किताब,
मुर्शद हम जो करने बैठे तो ख़रीद लेगे तुझे…




सब तेरी मोहब्बतों की इनायत है वरना,

मैं क्या!मेरा दिल क्या!मेरी शायरी क्या….



किसी का शोर शांत बैठा है,
किसी की खामोशी चिल्ला रही है!




जिन्दगी के बारे मे इतना ही लिख सकी हुँ मै, 
कि कुछ गहरे रिश्ते थे कमजोर लोगो से …!!





उसके रुख़सार पे निकला है कमीना पिंपल,

डेढ़ दो हफ़्ते अब वो अपनी तस्वीर भी नहीं भेजेगी।



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