KARAAR MILATA HEE NAHIN AAPAKE BAGAIR Life Shayari,


 करार मिलता ही नहीं आपके बगैर,,,

सज सँवर के भी हम उदास बैठे हैं…



आखिर खाक हो गया न गुरुर तेरा,

हमने चाहना छोड़ा,लोग पूछना छोड़ दिए।



बिछड़ कर तुझसे कैसे ऐ मेरे हमदम बिख़र जाऊँ,

तेरी पाज़ेब से टूटा हुआ घुंघरू नहीं हूँ मैं…



मोहब्बत है तो कहते क्यों नहीं ..??

और नहीं है तो करते क्यों नहीं…??



हमारी हजार शायरियों के बीच तुम्हारी…

एक छोटी सी तारीफ ही इश्क है…❤️



किसी के बुढ़ापे की लाठी किसी के आंख का तारा हूँ मैं,

फिर उसके बाद ही मेरी जान,तुम्हारा हूँ मैं😌



मुश्किल भी तुम हो,मेरा हल भी तुम हो,

होती है जो दिल में,वो हलचल भी तुम हो।।



बावरा दिल है मेरा तुम्हे खो देने से डरता हैं,

बावर जरूर हैं मुझे अपनी मुहोब्बत पर,
इंसानों पर कहा अब भरोसा होता हैं।




काश कुछ जिम्मा तुम भी उठा लेते..

टूटने से ना सही बिखरने से बचा लेते…




जरा-सी बात नहीं है कि भूल जाऊँ उसे,

हुआ है इश्क़ कबीरा” खुदा माफ करें!



शबाहतोंका दौर हैं साहब ,

क्या लड़की, क्या लड़का,

जिसमे हुनर हो,

ये जमाना उसका हैं जनाब।






किसी का इश्क, किसी का ख़्याल थे हम भी,
गए दिनों में, बहुत कमाल थे हम भी!!





मेरी पसंद,मेरी तमन्ना,मेरा इरादा जानता है,
कोई मुझे,मुझसे ज़्यादा जानता है..





यादों में बड़ी ताकत होती है,
वो कल को आज जिंदा रखती है।




वो शायद मेरी आखिरी सरहद हो जैसे,
क्योकि सोच जाती ही नहीं उससे आगे….!!



तुम मुझे इतनी मुहब्बत दे गये हो की, 
जिन्दगी जिन्दगी नही महक़ता गुलाब हो जैसे।




वो लौट आया है मनाने को.. 
शायद आजमा चुका है ज़माने को..!!


तेरी महफिल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी..
तेरा मुड़ मुड़ कर देखना हमे बदनाम कर गया.!!




हम लड़को की नस्ल को बुरा कहने वाली लड़कियों,
सुनो तुम अपने बेटों की परवरिश अच्छे से करना!!





अधूरा इश्क़ था लेकिन …..
मुकम्मल खा गया मुझको !!!!!




कमाल का जज़्बा रखते हैं वो लोग …
जो अपने आंसू देख कर मुस्कुरा देते हैं !!!




हमसफर ऐसा हो!
जिसे प्यार आपकी कमियों से भी हो!❤️



मोहब्बत करने की बात हो तो किसी से भी कर लें,
मगर जो मोहब्बत होने की बात है, तो बस तुमसे हैं ।




गोरे रंग की कतार में,
उसका सावला रंग कहर बरसाता है!



तुम्हें सोच कर उठना ,
तुम्हें सोचकर ही सो जाना,
कितना आसान है ना तुम्हारे बगैर 
तुम्हारा हो जाना ।



दूर रहकर भी हमसे वो गुनाह हो गया ..!!
आपसे मिले बिना ही इश्क बेपनाह हो गया ..!!!



तुम से मिलने के पहले भी थे तन्हा हम,
लेकिन अब जो तुमने किया है ,
ज़ुल्मममम किया है!!




मुझेसे पहले उसे किसी से इश्क़ था,
हम अगर एक भी होते तो तीन होते…


वो मेरी क़द्र करता भी तो कैसे..
मैं आसानी से हासिल हो गया था..!!



मैं उसका हूं यह राज तो वह जान चुकी है..
वो किसकी है यह सवाल मुझे सोने नहीं देता..!!




मंजिल तेरे अलावा भी कई हैं लेकिन,
ज़िन्दगी और किसी राह पे चलती नहीं।




देख कर उसे आज नज़रे फेर ली हमने, 
जिसकी एक झलक को कभी ज़िन्दगी कुर्बान थी…




तुम सितारों की बात ना करो मुझसे…
मेरे राब्ते में आजकल चाँद रहता है!!





देखकर सूरत तेरी मैं नज़रें अपनी झुकाने लगा हूँ..!!
मुझे मोहब्बत है तुझसे यकीनन मैं तुझे ही छुपाने लगा हूँ….!!!




अलविदा कहते हुए जब
उनसे कोई निशानी मांगी,
वो मुस्कुराते हुए बोले कि 
जुदाई काफी नहीं है क्या!!







दूर रहकर भी हमसे वो गुनाह हो गया,
तुमसे मिले बिना ही इश़्क बेपनाह हो गया।





माना कोई कमी नहीं है आपकी चाहत में …
पर याद रखना हमारे नखरे भी बहुत हैं !!!!



थोड़ा-थोड़ा रूबरू हम रोज होंगे मेहरमा । 
क्या चाँद को पूरा निकलते देखा है कभी।।






वो ज़ुल्फ़े सँवारती रही,

मैं दिल हारता गया ❤️

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