LAPHZON MEIN BAYAAN HO VAHEE ISHQ HAI KYA Sad Shayari Hindi Life

 

लफ्ज़ों में बयां हो वही इश्क़ है क्या.. 

मेरी धड़कनें तो सिर्फ तुम्हारें नाम से ही धड़के इतना काफ़ी नहीं है क्या !



मेरी मोहब्बत का बस इतना असर हो जाए

मैं उसको याद करू और उसे खबर हो जाए 😍🥰



हमे डर है ये रिश्ता ख़त्म भी उतनी तेज़ी से होगा,


जिस हिसाब से  शुरूआत तेज़ हो रही है….



यार एक गुज़ारिश है मुझे इस तरह से ना देख,

मेरी धड़कनों की रफ़्तार तेज़ हो रही है….



ये किस मोड़ पर तुम्हें बिछड़ने की सूझी…

मुद्दतों के बाद तो सँवरने लगे थे हम…..


किताब सी फुरसत रखना तुम मेरे लिए,

जल्दबाजी़ मे पढ लो, चीज़ वो हरगिज़ नही हुँ मैं…..

 Sad Shayari Hindi Life

क्यू बार बार ताकते हो शीशे को….

नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…..!


आज फिर कोई समझौता आएगा मेरे हिस्से,

आज फिर कोई कह रहा था “समझदार हो तुम”… !!



ये लताफ़त, ये नज़ाकत, ये हया, ये शोख़ी..,

मुझे मदहोश करने की तुझ में है सारी ख़ूबी ..!!


वो जो लड़की आई है मेरी ज़िंदगी में..

वो मेरी लिखी सारी ग़ज़लों से खूबसूरत है..😌


मैं बेकार में डूबता गया,

वो इतनी गहरी थी भी नहीं….



मेरा मयार नहीं मिलता, मैं आवारा नहीं फिरता,,, ¡¡

मुझे सोच कर खोना, मैं दोबारा नहीं मिलता…!!



ैं छोड़ भी दूँ, सोचना तुमको…

तुम्हारा ख़याल है की…मुझे छोड़ता ही नहीं..!! ❤️



इस खाली से दिल में… भरे से तुम क्यूँ हो….

नजदीक नही हो… फिर हर आहट में… तुम ही तुम क्यूँ हो…!



आज उस राह से भी गुजर कर आ गया हूँ,

जहां कभी तेरे लिए ठहर जाया करता था..!


मेरे जे़हन पर मुसलसल हावी है,

तुम और तुम्हारा ख़्याल जानाँ..!!!



बात तुम तक पहुँचे तो मुकम्मल हो,

सारे अल्फाज़ मेरे तुमको सुनाने के लिए होते हैं..!!!



रिश्तें  मेरे  उनसे इस कदर बढ़ने लगे 

वो मुझे पढ़ने लगे हम उन्हें लिखने लगे



मोहब्बत की है तुझसे… बेफिक्र रह…

नाराजगी हो सकती है…  पर नफरत कभी नही..


तुम्हे देखती हूं जब जब मैं,

खो जाती हूँ तब तब मैं,

आईने की मुझे जरूरत क्या हैं,

तुम्हारे आँखों मे देख कर सजती हूँ अब मैं।



ना तू कान्हा हैं, ना मैं राधा हूँ

ना तू रांझा हैं, ना मैं हीर हूँ।

ना तू वीर हैं, ना मैं जारा हूँ। 

फिर भी ,

तू प्रेम हैं, और मैं प्रेम में तल्लीन हूँ।

पत्तो कि तरह बिखेरा ज़माने ने मुझे,

फिर एक शख्स ने समेता और आग लगा दी….




हम मोहब्बत में बस इज़हार से डरते है
बादज़ा उसकी टकरार से डरते है….

हम हैं, मोहब्बत में सहमे हुए कुछ लोग,
बस हम घरवालों के इनकार से डरते है….🥺🥺





हर किसी का मौन
मौन नहीं होता,

कहीं और ख़र्च किया 
बड़बोलापन होता है।



ढूँढ लेना खुद को मेरे अल्फाजों की बारिश में,

सरेआम जो तेरा नाम लिखा तो आम हो जाओगे ।




शिकायते ज्यादा और इश्क़ कम हो गया है..

लगता है किसी गैर का तुझ पे करम हो गया है..!!




इश्क़ में आलिम होना मंज़िल थी लेकिन,
मुझको शायर होकर रस्ता होना था।




पता नही कितना काबिल हूँ?

तू हासिल हो तो कुछ अंदाज़ा हो जाए ।



मैं दिल हूँ… ठहरूंगा तो मर जाऊंगा… मुझे सुकून ना दे…बेकरार रहने दे…




जब तक एहसास थे दर्द हज़ार थे…

    पत्थर हो जाने के फ़ायदे बहुत हैं…






एक क़तरा ही सही, मुझे ऐसी नीयत दे मौला…
किसी को प्यासा जो देखू तो ख़ुद पानी हो जाऊ…..





एक वक्त था जो तेरे साथ ठहरता नहीं था,
एक वक्त है जो तेरे बिना गुजरता नहीं है !!


तू मिला भी है 🤝 त जुदा भी है 🙌… तेरा क्या कहना …

तू सनम भी है 😍 त खुदा भी है 🙏 … तेरा क्या कहना  !!!! 




आपके घर का पता नहीं मालूम मुझे..

मैंने तो अपने दिल में रहते देखा है आपको…..!!!





खामोशी से बिखरना आ गया है,
हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,
किसी को बेवफा कहते नहीं हम,
हमें भी अब बदलना आ गया है,
किसी की याद में रोते नहीं हम,
हमें चुपचाप जलना आ गया है,
गुलाबों को तुम अपने पास ही रखो,
हमें कांटों पे चलना आ गया है।


ये किसने रखी है मेज पर होठों की तस्वीर

ये किसने रखे हैं चीनी के मर्तबान खुले…

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