Aakhir Kitana Chaahana Padata Hai Ek Shakhs Ko? Life Shayari,


आखिर कितना चाहना पड़ता है एक शख्स को?

कि वो किसी और को ना चाहे..!!


वो हर किरदार निभाने को तैयार है,

उसका स्त्री होना ही काफी है।।


तकदीर को कुछ 

इस तरह अपनाया है मैंने,

जो नही था तकदीर में 

उसे भी बेपनाह चाहा है मैंने।


यकीनन कमी है मुझमें,इंसान हूँ ना मैं, 

तुम फरिश्ते जो ठहरे, खुद सा कहा ढूंढोगे ।।


सुना है लोग जहाँ खोएं वहीँ मिलते हैं,

मैं अपने आपको तुझमे तलाश करता हूँ।


तुम चाहे मुझसे कितनी भी दूर चले जाना…!! 

मैं नहीं भूलूँगा तुम्हें अल्फ़ाज़ों से सजाना…!!!!


तेरे बाद नजर नही आती कोई और मुझे मंजिल,

किसी और का होना मेरे बस की बात नहीं…



उसके बदलने का दुख नहीं है मुझे,

मैं तो अपने एतबार पर शर्मिन्दा हूं…


इज़हार से नहीं… 

इंतजार से पता चलता है

कि इश्क़ कितना है..!!


नाज है मुझे तेरी नफरतों का मै अकेला वारिस हूँ…!! 

मोहब्बत तो तुम्हे शायद किसी औऱ से है।



वो कौन है जो मेरे साथ चलता है,

ये देखने को कई बार रुक गया हूँ मैं..


इक रोज़ अपनी उँगली से 

मेरी हथेली पर लिखा था 

उसने नाम अपना,


क्या पता था उस रोज़, 

मुझको वो अपने नाम कर रहा है..


तुम मुझे उस तरह लगते हो,

जिस तरह कोई नही लग़ता…..


ये जो इश्क़ तुमसे बेपनाह है,

बस यही मेरा गुनाह है।।


कितना भी कर लो, चाँद से इश्क़,

रात के मुक़द्दर मे, अँधियारे ही लिखे हैं।


मुहोब्बत के जिक्र से भी जिन्हें नफरत हैं,

इस दिल को उन्हींसे मुहोब्बत हैं।


तुमसे शिकायतें करनी छोड़ दी….

समझ जाओ अब हम क़रीब नहीं रहे।


जुदाई से ज्यादा जान-लेवा,

मोहब्बत में मोहब्बत की कमी है


सिसकते हुए हाथ छुड़ाना पड़ता हैं,

कुछ मोहब्बतें तक़दीर में नहीं होती।


गम पाले बैठे हो

कभी आओ ना मोहब्बत 

की गली !!


लाख व्यस्त 

रहे ये ज़िन्दगानी..

तुम्हारे लिए 

हर वक़्त मौजूद हूँ, जाना 

Leave a Comment