Andhera Nahin Hota Usake Jeevan Mein Life Shayari


      महज एक नफ़स ही काफी है,

उगाने फसल मुहोब्बत की।

महज एक राज ही काफ़ी हैं,

जलाने फसल मुहोब्बत की।


ताखीर ज्यादा तुम ना करोगी,

तारीख ऐसी हमने भी चाही थी।


महफ़िल लगी हैं,
नुमाइश हो रही हैं दीवाने की।
मुनीब काफी हैं यहाँ,
पैमाइश करने को मुहोब्बत की।


सहारा जो ना होता, आपकी यादों का…!!
सवेरा ही ना होता, फिर सुनहरी रातों का…!!!!




िसी पर ज्यादा गुस्सा होने से बेहतर है,

उसकी एहमियत हीं अपनी जिंदगी से 
कम कर दो ।


चलो आज किरदार बदलते हैं 
तुम इंतजार करो.., 
मैं बेखबर हो जाऊ ..




जमाने के मुताबिक अब ढल जाऊंगा,

आहिस्ता-आहिस्ता ही सही पर बदल जाऊंगा।




मुर्शीद, निकले हैं वोह लोग मेरी शख्सियत बिगाड़ने,

किरदार जिनके खुद मरम्मत मांग रहे हैं।🔥🔥


बाँध सके मुझे ऐसी कोई बंदिश नहीं,
पर तेरी बाहों की बात कुछ और है।




खोखली बन जाती है ज़िदंगी,

ना जाने क्यूँ मतलब के लिए मेहरबान होते हैँ लोग.!!



औरत के लिए कोई व्रत नहीं रखता,
 फिर भी लंबी उम्र जी लेती है,
 प्रेम करती है राधा की तरह,
 मीरा की तरह विष पी लेती है…!!



आता पहले मर्द से,औरत का ही नाम ! 
चाहें सीताराम हो,या फिर राधेश्याम !! 



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