Baandh Sake Mujhe Aisee Koee Bandish Nahin Life Shayari



                                         



                                   
                                                   ज़रूरी नहीँ खूबसूरती दिखावे में ही हो..

सिर को ढकता पल्लू भी गज़ब ढाता हैं।


बाँध सके मुझे ऐसी कोई बंदिश नहीं..

पर तेरी बाहों की बात कुछ और है..!!


कौन कहता है मुझसे “वफा” कीजिए…

आइए दिल लगाइए और तबाह कीजिए..!!


तमाम ज़ुबानें बे-ज़ुबान लगती हैं,

जब इश्क़ आंखों से समझाया जाता है ।


दिल करता है पलट जाऊँ आसमान की तरफ…

 ज़मीन वालों का मिज़ाज नहीं मिलता मुझसे…


उसे बयाँ करूँगा ज़ायके में,

लिखूंगा की वो चरस जैसी थी।


चरस की जरूरत किसे है …

कमबख्त तुम उतारो तो कोई दूसरा नशा करें !!!


हर्फ़ उनके रहते हैं लबों पे सब के, 

निगाहों को नशा सिर्फ़ हमारा है।।।😍


बहुत कड़वा ज़ायका होता है साहब 

मैंने धोखा खाकर देखा है


ज़ख्म दर जख्म खाते रहे उनसे

कमबख्त हर जख्म के बाद उस मुस्कुराहट का मजा दोगुना हो जाता था।



एक तेरा शहर जहां कभी जाना ना हुआ …

एक तेरा दिल जहां से कभी वापिस आना ना हुआ!!!


तुम्हारे दर्द को तो हम अपना बना चुके है,

तुम हमारे दर्द का मरहम बन जाओ..


दिल से वापिस आओगी भी तो कैसे,

दिल में आने का तोह रास्ता है पर जाने का नहीं…दिल तोड़ कर ही जाना पड़ेगा।।






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