dil usakee mohabbat mein pareshaan to hoga Life Shayari,


 

दिल उसकी मोहब्बत में परेशान तो होगा,

अब आग से खेलोगे तो नुकसान तो होगा… !!



तू होश में थी फिर भी हमें पहचान न पायी,

एक हम है कि पी कर भी तेरा नाम लेते रहे ।



कुंदन हुए हैं आग भी अपनी लगा के हम…

हम पर किसी सुनार की मर्ज़ी नहीं चली…



बाकी सब आधा अधूरा याद है….!!

तुझे देखकर खुद को भूलना पूरा याद है…!!




सबसे यूं मिलना जैसे दिल में कोई दर्द नहीं ….

मुझमें ये खूबी है इतनी खामियों के बावजूद भी !!!!



बात ये है कि लोग बदल गए हैं,

ज़ुल्म ये है कि लोग मानते ही नहीं ।।।



तुम्हें अपनी मोहब्बत से बताऊँगा..
हर मर्द एक जैसा नहीं होता..!!


तेरी बंदगी से बढ़ कर
कुछ भी नहीं जहां में ..!
मिले रुह को सुकून 
आ कर तेरी पनाह में…!!





हमें सीने से लगाकर हमारी सारी कसक दुर कर दो,हम सिर्फ तुम्हारे हो जायें हमें इतना मजबूर कर दो!

अपनी कलम से दिल से दिल तक की बात करते हो,सीधे सीधे कह क्यों नहीं देते की हमसे प्यार करते हो!






मेरी हर उलझन का हल तुम हो….

मेरे आज में,मेरे कल में मेरी हर साँस में,हर पल तुम हो….




तुम्हारे तालिम का तालिब हूँ मैं,
तुम गजल हो मेरी और तेरा गालिब हूँ मैं।




ग़ज़ब ख़ूबसूरत है तुम्हारा हर अन्दाज़,

इश्क़ में जलने का,मुहब्बत में जलाने का।




वही एहसास जो तुम सोच लेते हो…!!

पर लिख नहीं पाते..इश्क है..वो मेरा…!!!!




मेरे हर अल्फाज में तुम समाये हो, 
फिर कैसे कह दूँ तुम पराये हो….




वो वार पे वार किए जाएं, हम प्यार पे प्यार किए जाएं…… इश्क की परिभाषाओं में इसे भी शामिल कर दो कहीं 





वो अच्छा है तो बेहतर,
बुरा है तो भी कबूल..!!
मिज़ाज-ए-इश्क में, 
ऐब-ए-मेहबूब देखे नही जाते..!




हमको आता है हुनर इंतज़ार करने का…

ज़रा तुम भी लौटकर आने का हुनर सीख लो….





मेरी दुआ है तुम्हें वो सब कुछ मिले,

जिसके लिए तुम्हें मेरी क़ुर्बानी देनी पड़ी।





वो चन्द लम्हे जो गुजरे तेरे साथ,
न जाने कितने बरस मेरे काम आयेंगे…!!




उस यार का क्या फायदा…

जिसका हर कोई यार हो।







गजलें यूँ ही बे_शबब लिखी नही जाती,

शायर के तसव्वुर मे भी एक
तस्वीर जरुर होती है..





पहले खो देते हैं फिर खोजा करते हैं..

यही खेल जिंदगी भर सब खेला करते हैं…







आँसू थे हम दोनो की आँखों मे,
 फिर भी ..
उसने कहा के मुझे जाना है।








तेरी मोहब्बत ने निखारा है मेरे सावले पन को …

तेरे आगोश में ही मुकम्मल नज़र आती हूँ ..






इतना नजरंदाज ना कर मुझे कि,,
कोई और कब्जा कर बैठे..!!



ख़ैरियत नहीं खयाल चाहतें हे,
कहिए, कुछ ज्यादा चाहतें हे।



तुम रहना बेखबर मेरे एहसासों से,
फिर भी सारी उम्र शिद्दत से चाहेंगे तुम्हे..!!



यूँ अचानक मेरा दम घुटने लगा….
ना जाने तुमने किसको गले लगाया होगा😒




मशवरें तो खूब दिया करते हो खुश रहा करो, कभी खुश रहने की वजह भी दे दिया करो।



रूह रंग डाली 
मैंने 
तेरे इश्क़ में,
अब क्या बचा 
मुझमे 
रंगने के लिए…








वो आँखों से ही बात करती है,
होंठ तो सिर्फ मुस्कुराने के लिए है…..





जो सामने है उसे देखने का वक़्त नहीं,
जो लापता है उसी की तलाश है सबको ।


तेरा रंग तो पहले ही चढ़ चुका है इस मन पर ..
ये होली तो तेरे रुखसार छूने का फकत एक बहाना भर है..



उसको भूलने की कसमें खा कर भी,
हमने रात, दिन, राहों में उसको ही ढूँढा है.!



तुम्हे सोचता हूं और लिखता हूं बस,
शायरी से मेरे ख्यालात बन जाते हैं, 
तुम्हारा ही इश्क़ है तुम्हारा ही हुस्न,
तुम्हारी ही महक है मेरे लफ़्ज़ों में…



तुम्हारा साथ भी छूटा,तुम अजनबी भी हुए,
मगर जमाना अब भी मुझमे तुम्हे ढ़ूढ़ता है…




चुप कोई एक होता है हम से,
और हम चुप सबसे हो जाते हैं…





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