IK HARF NAHIN MUMAKIN LIKHANA TERE BAGAIR Life Shayari

 इक हर्फ़ नहीं मुमकिन लिखना तेरे बग़ैर…

मेरा ख़ुद से अधूरा है रिश्ता तेरे बग़ैर…!


इश्क़ की दुनिया का एक ही उसूल हैं,

या तो बेपनाह , बेहद हो या फिर हो ही ना।


बड़ी अजीब सी हालत.. होती है मोहब्बत में,

उदास जब यार हो जाये.. कुसूर अपना ही लगता है।


कुछ अधूरा था जो पूरा हुआ ही नही,

कोई था मेरा जो मेरा हुआ ही नही !!❤️



हम ,इस लिए भी मुहब्बत मे रह गए तन्हा..

के,इक शख़्स ही हमारे लिए ज़माना था…!!



बात करने के लिए बहुत सारे लोग हैं,,,

पर इंतजार बस तुम्हारा ही रहता है..!!



शिकायतें खाक हो जाएंगी,

तू जरा इश्क को वक्त दे कर देख…।


उस्से भूलने का तो सवाल ही पैदा नही होता,

मुझे इश्क़ हुआ था उस्से ,किया थोड़ी था…


 वो एक शख्स मेरे दर्द बाँटने आया था ,

जाते जाते अपने गम भी  दे गया….


जिस शख़्स ने तुझे चाहा नहीं, मांगा नहीं,

उस शख़्स को तू मिल जाये ये इंसाफ थोड़ी है.!


दुनिया की चौखटे काफी ऊँची हैं,

उन्हें लांघ कर तुम मेरे हो पाओ,
तो हाँ तुम कबूल हो मुझे।


दुनिया मे कटघरे हर जगह हैं,

उनसे जीत कर तुम मेरे हो पाओ,
तो हाँ तुम कबूल हो मुझे।


मुद्दतों से बेपनाह चाहा है तुम्हें..!!

ताज्जुब तो तुम्हारे आज भी परखने से हैं हमें….!!



फिर ना कहना कि हमें फुर्सत नही थी..

हम तो आये पर शायद तुम्हें जरूरत नहीं थी..!!



फुरसत मिली  तो फुरसत से पूछेंगे कि हमारे हिस्से की

फुरसतों को हमारे लिए ही फुरसत क्यो नही?!!


उसे कहना दिल थाम कर रखे,

राह तकने की बारी अब उसकी है…


पोशीदा हो तुम इन नजरो से दुआ करो दीदार न हो,

रहो गुमनाम ताउम्र तुम  बस इन आँखो में इंतजार न हो ।




तुम से मिलकर एहसास ये मुझे कैसा हुआ हैं,
मिली तो तुमसे थी पर मिली खुदसे हूँ ऐसा क्यों लगता हैं?


गुजिश्ता पन्नों की ये कहानी हैं,
कुछ फट गए, कुछ जल गए,कुछ की जिंदगी अभी बाकी हैं।



तक़दीर में मेरी तू हैं या नही ये तो बाद कि बात हैं,
मेरे दिल मे तू हैं, ये तेरे किस्मत की बात हैं।



मुझे जलाने को गैरों के नज़दीक जाना तेरा,,, ¡¡
गवाही दे गया की तुझे इश्क़ है मुझसे…!!



तुम्हारे बाद का तो खैर क्या कहें, 
तुम्हारे साथ भी बहुत दुखा है दिल…



कुछ लड़कियों को चैन नही है मेरे बिना,
और एक लड़की ने मुझे बेचैन कर रक्खा है.!


काफ़ी है तेरा अहसास ही जीने 
के लिये……!!
रूबरू होने की इतनी ख्वाहिश भी 
नहीं……!!



हमारे वफ़ाओंकी तौहीन करने पर वो अड़ा रहा,
और हम उनके बेवफाई को भी मुहोब्बत समझते रहे।




तेरे ख़्वाबों में आना जाना फ़क़त मेरा रहे.❤️


एक तेरा ही नशा हमें मात दे गया वरना,
मयखाना भी हमारे हाथ जोड़ा करता था।




बेहतर है टूट जाये वो रिश्ते,
जिनकी वजह से हम टूट जाते है।


ख्याल भी तुम ख़्वाब भी तुम,
रहते हो मुझमें बेहिसाब तुम… !!




माना कि,  ना देखा है, ना छुआ है,  ना पाया है तुझको  ..!! 
लेकिन, तेरे इश्क़ में इबादत सा सुकूं आया है मुझको….!!!!



मिल जाए उलझनो से फुरसत तो जरा सोचना,
क्या सिर्फ फुरसतों मे याद करने तक का रिश्ता है हमसे।



कलम और कागज की यारी पुरानी हैं,
कलम बिखेरती जाती हैं जज्बात,
कागज उन्हें संजीदगी से बटोरे रखता हैं।



महज़ धड़कन है बाकी, मानों साँसें नहीं होती..
सो गया ये जहाँ,  मगर आँखें नहीं सोती..

देखा करते हैं आईने में भी, तेरी तस्वीर..
होके दूर तुमसे, ख़ुद से मुलाक़ातें नहीं होती..!!!!


हम तो नादाँ है क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्ब्त,
बस…तुझे चाहना था,तुझे चाहते है और तुझे चाहते रहेंगे…!!




सौ बहारों की बहार है…!!
तेरा रुक रुक के मुस्करा देना…!!!




दिल पर पहली दस्तक से धड़कन रुक जाने तक,
तुम इस दिल में रहोगे मेरे मर जाने तक…।।

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