खैर फिर भी करता हूँ शुक्रिया तेरा कि, तेरे खोने से मैंने बहुत कुछ पा लिया है!

 

खैर फिर भी करता हूँ शुक्रिया तेरा कि,
तेरे खोने से मैंने बहुत कुछ पा लिया है!
नज्मे,गजले,शायरियां सब मिल गयी है मुझे,
और इन्होने तो जैसे मुझे गले से लगा लिया है !
अब तो मुझे सुनने वाले भी है ,चाहने वाले भी है ,दाद देने वाले भी है।


मैं रुठी,तुम भी रुठ गये फिर मनायेगा कौन?
आज दरार है,कल खाई होगी,फिर भरेगा कौन?
मैं चुप,तुम भी चुप फिर इस चुप्पी को तोड़ेगा कौन?
बात छोटी को लगा लोगे दिल से,तो फिर रिश्ता निभायेगा कौन?
दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,सोचो हाथ फिर बढ़ायेगा कौन?


हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए….
महीना मोहब्बत का है थोड़ा सा तो इश्क़ किया जाए…



जुदा होकर हमसे वो कितने खुश हैं
यह तो हम जानते हैं,

काश वो भी जान पाते कि
जुदा हो कर उनसे हम कितने तन्हा है।



तुम Promise की बात करते हो?
हमने कुरआन कि कसमो पर छोड़ जाने वाले देखे हैं😔



कोई नहीं जानता, की जुदा होना क्या है,
अगर जानते तो राधा से श्याम पल भर न जुदा होते ।



ओ तो श्याम था उसे सबका होना था…… 
पर मे तो राधा थी मुझे तो सिर्फ उसका ही होना था…..

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