Sad Shayari – Latest शायरी in Hindi Status Image for FB, Whatsapp, Instagram

Sometimes we feel sad and want to express our sadness. So Sad Shayari is the best option to express your inner sadness on social networks. Here we are having a large collection of Sad Shayari in Hindi on this page. You can choose or select all type of Shayari according to your mood and share it where you want.

 There is much reason for getting upset. And the best way to get relief of these heart burdens is by reading the sad poem, Sad Shayri, and sad SMS. You can find a huge number of sad quotes with images on this page.

Sad Shayari

 As we all know that everyone spends a lot of time on social network. And this is the best platform for express your inner feelings whatever it may be. And for expressing your heart feelings all of you need to have some amazing and great content in form of quotes or images. Today here we are come with a large collection of Sad Shayari with quotes and images.



तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे ।

उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ

tujhse achchhe to jakhm hain mere ।

utni hi takliph dete hain jitni bardaast kar sakun


मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..

कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !

meri har aah ko vaah mili hai yahaan…..

kaun kahtaa hai dard biktaa nahin hai !


दुनिया की चौखटे काफी ऊँची हैं,

उन्हें लांघ कर तुम मेरे हो पाओ, 

तो हाँ तुम कबूल हो मुझे।


दुनिया मे कटघरे हर जगह हैं,

 उनसे जीत कर तुम मेरे हो पाओ,

तो हाँ तुम कबूल हो मुझे।




मैंने ये कभी नही चाहा कि तुम जिंदगी भर साथ रहो,

मैंने बस इतना ही चाहा है कि जितनी भी उम्र रहे मेरी तुम साथ रहो



तुम्हारी आँखोंमें मैंने एक कशिश देखी हैं,

उनमे जो बसी सूरत हैं, तुमने उसेही कशिश लिखी हैं।




तुम से मिलकर एहसास ये मुझे कैसा हुआ हैं,
मिली तो तुमसे थी पर मिली खुदसे हूँ ऐसा क्यों लगता हैं?





कुछ फट गए, कुछ जल गए,कुछ की जिंदगी अभी बाकी हैं।





तक़दीर में मेरी तू हैं या नही ये तो बाद कि बात हैं,
मेरे दिल मे तू हैं, ये तेरे किस्मत की बात हैं।




हमारे वफ़ाओंकी तौहीन करने पर वो अड़ा रहा,
और हम उनके बेवफाई को भी मुहोब्बत समझते रहे।




कलम और कागज की यारी पुरानी हैं,
कलम बिखेरती जाती हैं जज्बात,
कागज उन्हें संजीदगी से बटोरे रखता हैं।



वफ़ा के बाब में इल्ज़ाम-ए-आशिक़ी न लिया
कि तेरी बात की और तेरा नाम भी न लिया
फल जाए मोहब्बत तो मोहब्बत है मोहब्बत 
और रास न आए तो मुसीबत है मोहब्बत


आग़ाज़-ए-मोहब्बत से अंजाम-ए-मोहब्बत तक 
गुज़रा है जो कुछ हम पर तुम ने भी सुना होगा
हम से क्या हो सका मोहब्बत में 
ख़ैर तुम ने तो बेवफ़ाई की 
हम ही में थी न कोई बात याद न तुम को आ सके 
तुम ने हमें भुला दिया हम न तुम्हें भुला सके
वही फिर मुझे याद आने लगे हैं 
जिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं 
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है 
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है 
मेरी क़िस्मत में ग़म गर इतना था 
दिल भी या-रब कई दिए होते 
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है 
हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 
कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है 
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी 
जिस तरह ख़्वाब मिरे हो गए रेज़ा रेज़ा 
उस तरह से न कभी टूट के बिखरे कोई 
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर 
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया 
दुश्मनों से प्यार होता जाएगा 
दोस्तों को आज़माते जाइए 
मुझे तो क़ैद-ए-मोहब्बत अज़ीज़ थी लेकिन 
किसी ने मुझ को गिरफ़्तार कर के छोड़ दिया
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है 
मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है
सौ बार जिस को देख के हैरान हो चुके 
जी चाहता है फिर उसे इक बार देखना
नाज़ुकी उस के लब की क्या कहिए 
पंखुड़ी इक गुलाब की सी है 
अशआ’र मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं 
कुछ शेर फ़क़त उन को सुनाने के लिए हैं
इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं 
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद
तुम्हें भी नींद सी आने लगी है थक गए हम भी 
चलो हम आज ये क़िस्सा अधूरा छोड़ देते हैं
अब भी आ जाते तो रह जाती हमारी ज़िंदगी 
बाद मरने के अगर ख़त का जवाब आया तो क्या
मोहब्बत में हम तो जिए हैं जिएँगे 
वो होंगे कोई और मर जाने वाले


ये बद-नसीबी नहीं है तो और फिर क्या है 

सफ़र अकेले किया हम-सफ़र के होते हुए



उस का क्या है तुम न सही तो चाहने वाले और बहुत 

तर्क-ए-मोहब्बत करने वालो तुम तन्हा रह जाओगे




वो कोई दोस्त था अच्छे दिनों का 

जो पिछली रात से याद आ रहा है 




वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा 

मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा




बहुत नज़दीक आती जा रही हो 

बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या




हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद 

जो नहीं जानते वफ़ा क्या है 



ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़ 

मुझ को आदत है मुस्कुराने की 




आग़ाज़-ए-मोहब्बत से अंजाम-ए-मोहब्बत तक 
गुज़रा है जो कुछ हम पर तुम ने भी सुना होगा  



तुम सुनो या न सुनो हाथ बढ़ाओ न बढ़ाओ 
डूबते डूबते इक बार पुकारेंगे तुम्हें 




🖤 नाजुक शी अंगकाठी गं तुझी…. रुप तुझं कसं  डौलदार 💃…..                                …….   ….लावण्यखणी गं  रुपवती तु …  नजर😉 ही  दिलालं कसी आरपार भिडनार 💞💘







बहुत हुआ अब, बहानोंका सहारा अब और नही
आलस की पोथी अब और नही।
धेय्य मुक्कमल ना हो , तब तक कोई आराम नही
पैरोंको कोई थकान नही।
हार जाऊ अगर मैं , इस सोच का अब साथ नही
हमसे ना होगा , ये अल्फाज अब लबों पर नही।
आकांक्षाएं बहुत हैं, आशाएं अब कुछ नही
बेशक रुकावटे काफी हैं, पर निराशाओंकी चादर नही।
थक सकता हैं शरीर मगर, मन का थकना मंजूर नही
ठुकराएँ दुनिया अगर , डर के रुक जाना पसंद नही।
सही हूँ मैं, ये सब को बार बार बताना जरूरी नही
बार बार एक ही गलती दोहराना भी सही नही।
इन सब से डर कर अपने प्रयत्नोंको रोक दु , इतनी मैं कमजोर नही 
अपने लक्ष्य से बढ़कर मेरे लिए अब और कोई मंजिल नही।

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